मंगलवार, 31 अगस्त 2010

दोहा श्रृंखला (दोहा क्रमांक-९०)

स्वजनों से मुख मोड़ जो,
करते सुख का भोग.
जीवन में क्या चैन से,
रह पाते वे लोग ??
---oxo---
- विजय तिवारी " किसलय "

11 टिप्‍पणियां:

  1. Bahut badee baat kah dee hai....shayad aise log nirlajj aur swarthi ban jate hain,jinhen vivek satata nahi..

    उत्तर देंहटाएं
  2. उत्तर नहीं..... बहुत ही सटीक दोहा... विजय जी

    उत्तर देंहटाएं
  3. आपको एवं आपके परिवार को श्री कृष्ण जन्माष्टमी की हार्दिक शुभकामनायें !
    बहुत बढ़िया ! उम्दा प्रस्तुती!

    उत्तर देंहटाएं
  4. बहुत सुन्दर दोहा....बधाई.
    ________________________
    'पाखी की दुनिया' में आज आज माख्नन चोर श्री कृष्ण आयेंगें...

    उत्तर देंहटाएं
  5. सुन्दर और सार्थक दोहा..बधाई.
    श्री कृष्ण-जन्माष्टमी की हार्दिक शुभकामनायें.

    उत्तर देंहटाएं
  6. जन्माष्टमी पर्व के शुभ अवसर पर हार्दिक बधाई और ढेरों शुभकामनाये...

    उत्तर देंहटाएं