मंगलवार, 8 अप्रैल 2014

मेरे अजीज अलबेला खत्री का जाना जमीन से जुड़े एक महान कलाकार का जाना है

मेरे अजीज अलबेला खत्री का जाना जमीन से जुड़े एक महान 
कलाकार का जाना तो है ही, मेरी व्यक्तिगत क्षति भी है.
ईश्वर उन्हें अपने चरणों में स्थान दे. हमारी भाव भीनी श्रद्धांजली.


अलबेला जी से उनके व्यक्तित्व एवं कृतित्व की जानकारी लेते हुए विजय तिवारी "किसलय")

-डॉ. विजय तिवारी "किसलय"


श्री गणपत भंसाली की पोस्ट से साभार --->
हास्य कवि एंव मंच संचालक अलबेला खत्री अब इस दुनिया में नहीं रहे, उनका निधन मंगलवार 8 अप्रेल 14 को दोपहर 3 बजे के करीब हो गया, फेफड़े पूरी तरह से क्षतिग्रस्त हो जाने से उन्हें सूरत के नानपुरा स्थित महावीर क्रोमा हास्पिटल के ICU विभाग में करीब सप्ताह भर पूर्व भर्ती कराया गया था, उनकी स्थिति में कोई सुधार नही होने के पश्चात आज उन्होंने अंतिम साँस ली, देश-विदेश के काव्य मंचों पर वर्षों से अपनी प्रस्तुति के द्वारा अलग पहचान बनाने वाले अलबेला खत्री 'स्टार वन चेनल' पर प्रसारित 'ग्रेट लाफ्टर' कार्यक्रम के विजेता भी रह चुके हैं, तथा अन्य चेनलों पर भी अपनी प्रस्तुति दे चुके हैं। मूल गंगानगर (राजस्थान) के निवासी अलबेला खत्री अतीत में महाराष्ट्रा के मुंबई व मालेगांव जैसे शहरों में भी रह चुके हैं। कुछ वर्षों पूर्व उन्होंने सूरत में काव्य मंचो के द्वारा अपनी आजीविका प्रारम्भ की थी, शुरुआत में वे शहर के भागल विस्तार के नानावट क्षैत्र में और विगत कुछ वर्षों से अडाजण-पाल विस्तार के रामेश्वरम केम्पस स्थित अपने निजी आवास में रहते थे, परिवार में पीछे उनकी धर्मपत्नि आरती व 12 वर्षीय पुत्र आलोक हैं, उनकी अंतिम यात्रा कल 9 अप्रेल बुधवार को सुबह 7.30 बजे उनके सूरत के पाल रोड स्थित निवास स्थान से प्रारम्भ होकर जहांगीरपूरा स्थित शमशान घाट पहुंचेगी, जहां उनका दाह संस्कार किया जाएगा।

मंगलवार, 18 मार्च 2014

प्राची की मुस्कान, विजय बागरी के दोहा संग्रह का विमोचन २३ मार्च १४ को.



  पाथेय प्रकाशन  द्वारा मुद्रित एवं सुसज्जित विजय   बागरी के "प्राची की मुस्कान" दोहा संग्रह का विमोचन २३ मार्च १४ को भँवर ताल  उद्यान के निकट  प्रजापिता ब्रह्मा कुमारी ईश्वरीय विश्व विद्यालय में होगा.
पाथेय एवं वर्तिका ने इस आयोजन में उपस्थिति की अपील की है.

कृपया विजय बागरी के दोहा संग्रह 'प्राची की मुस्कान' के  विमोचन का आमंत्रण  सुनने हेतु  वीडियो  की निम्न लिंक को क्लिक करें :-


प्रस्तुति:-
विजय तिवारी "किसलय" 

शनिवार, 8 मार्च 2014

गुलाब गेंग का प्रोमोशनल साँग जबलपुर की चैताली ने गाया

       जबलपुर में प्रतिभाओं की कमी नहीं हैइसका एक और उदाहरण जबलपुर की चैताली श्रीवास्तव हैं, जिन्होंने अभी  रिलीज हुई फिल्म गुलाब गेंग का प्रोमोशनल गाना  'मौज की मल्हारें' गाया है. संगीतज्ञ राजेश रोशन के सहायक और उस्ताद राहत फ़तेह अली खान के बिजनेस मेनेजर रहे चित्रेश श्रीवास्तव की बेटी चैताली ने इस गाने के  हिंदी भाग को साधु सुशील तिवारी के साथ गाया है वहीं अंग्रेजी भाग को कनाडा की सुपर वूमेन लिली ने स्वर दिया है.


         श्री पी. ए. दीपक और जॉन स्टेवार्ट की प्रशंसा करते हुए चैताली ने बताया  कि इन्होंने मेरी प्रतिभा को देख कर ही  रा-वन के निर्देशक अनुभव सिन्हा को इस गाने के लिए मेरा नाम सुझाया और मुझे खुशी है कि मैं उनकी अपेक्षाओं पर खरी उतरी. कुछ समय पूर्व चैताली का एक अंग्रेजी गाना  'आई विल नेव्हर लेट यू गो' अंतरराष्ट्रीय कलाकार एकॉन ने अपनी वेब साईट पर रिलीज किया है . इण्डियन क्लासिकल तथा वेस्टर्न सांग्स में पारंगत होने के साथ साथ ट्रिनिटी कॉलेज लन्दन द्वारा प्रामाणिक गायिका चैताली अभी तक अनेक लाईव शो और इला अरुण के साथ म्यूजिक प्ले कर चुकी हैं.  आशा भोसले एवं इंग्लिश सिंगर बेयोंसे को अपना आदर्श मानने वाली चैताली बालीवुड में गायिका के रूप अपना स्थान बनाने प्रयासरत हैं. लगन, निष्ठा और इनकी प्रतिभा को देखते हुए संस्कारधानी को इनसे बहुत अपेक्षाएँ हैं.

प्रस्तुति- 












डॉ. विजय तिवारी 'किसलय'