सोमवार, 16 अक्तूबर 2017

    जबलपुर के प्रख्यात आर्टिस्ट  श्री कामता सागर जी का  दिनांक 14 अक्टूबर 17 को हृदय गति रुकने से देहावसान हो गया। ग्वारीघाट जबलपुर में अंतिम संस्कार किया गया। 
           यह भारतीय कला जगत एवं मेरी स्वयं की  अपूरणीय क्षति है। ईश्वर उनकी आत्मा को शांति प्रदान करे तथा उन्हें अपने चरणों में स्थान दे। ओम शांतिः शांतिः शांतिः।
- विजय तिवारी "किसलय"

सोमवार, 19 सितंबर 2016

निर्भय दिवस पर वर्तिका को ओंकार अलंकरण



                    निर्भय दिवस पर वर्तिका को ओंकार अलंकरण


 जबलपुर। मानवता के महानायक पूर्व मंत्री अपराजेय विधायक स्वर्गीय पंडित ओंकार प्रसाद तिवारी स्मृति दिवस "निर्भय दिवस" के रूप में गोपाल बाग स्थित गोपाल सदन में भव्यता से आयोजित किया गया, जिसमें चिकित्सा, कला, साहित्य, सेवा, विज्ञान, तकनीकी, शिक्षा, योग आदि विविध क्षेत्रों के विद्वानों को ओंकार अलंकरण एवं प्रतिभाओं को ओंकार सम्मान से नवाजा गया। रवि गुप्ता, राजेश पाठक प्रवीण के संयोजन में वर्तिका को  "कला-साहित्य के लिए "ओंकार अलंकरण" से सम्मानित किया गया।

ऐसे महत्त्वपूर्ण एवं गरिमामयी अवसर पर शहर की सबसे सक्रिय संस्था वर्तिका को कला- साहित्य के लिए "स्व. पं ओंकार प्रसाद तिवारी स्मृति ओंकार अलंकरण" से सम्मानित किया जाना वर्तिका के लिए गौरव की बात है।

भव्य एवं भावभरे  समारोह में मुख्य अतिथि केंद्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण राज्यमंत्री श्री फग्गन सिंह कुलस्ते, समारोह के अध्यक्ष श्री शरद जैन, लोक स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण राज्यमंत्री, सम्माननीय अतिथि डॉ. श्रीमती स्वाति गोडबोले, महापौर के कर कमलों से विजय तिवारी 'किसलय', राजेश पाठक प्रवीण, दीपक तिवारी, इंद्रबहादुर इंद्र' संतोष नेमा संतोष, प्रभा विश्वकर्मा शील, सहित  संयोजक विजय नेमा अनुज, संरक्षक एम एल बहोरिया, मनोज शुक्ल मनोज, अनूदित साज, सलिल तिवारी, अशोक झारिया शफ़क़, अंजू लता गुप्ता आदि ने सम्मान ग्रहण किया। इस सम्मान से वर्तिका की कला एवं साहित्य के प्रति  जिम्मेवारी और अधिक बढ़ गई है।  संचालन रवि गुप्ता, राजेश पाठक "प्रवीण" एवं आभार अनिल तिवारी ने व्यक्त किया।