शनिवार, 18 अप्रैल 2020

विसुधा सेवा समिति जबलपुर ( NGO ) द्वारा लगातार जरूरतमंदों को भोजन व खाद्यान्न वितरण



कोविड-19 के चलते लॉकडाउन अवधि में "विसुधा सेवा समिति" द्वारा जो जरूरतमंदों को नियमित भोजन, खाद्यान्न, मास्क आदि निश्छल भाव से उपलब्ध कराए जा रहे हैं, इस कार्य की कृतज्ञता हेतु  शब्द भी कम पड़ेंगे। समिति के समर्पित सदस्यों द्वारा जो साहस, उत्साह और सेवाभाव दिखाई दे रहा है, वह प्रणम्य है। इतिहास में ये सब दर्ज हो रहा है। आगे आने वाली पीढ़ी के लिए ये कार्य प्रेरणास्रोत बनेंगे, उन्हें ये संस्कार मिलें, आखिर यही तो हर माता-पिता भी चाहते हैं। आज जब समिति ने यह कार्य करने का बीड़ा उठाया है, जिसकी सराहना करते कोई भी नहीं थकता, तब इससे पीछे हटना तो मुमकिन नहीं है, परन्तु निजी सुरक्षा एवं सामाजिक दूरी का भी ध्यान रखा जाना उतना ही जरूरी है।


बुधवार, 4 दिसंबर 2019

मेरी पोती "आव्या" (मेसु)

मंगलवार, 30 जुलाई 2019

डायनामिक संवाद टी वी पर व्यंग्यम् की व्यंग्य गोष्ठी सम्पन्न।

डायनामिक संवाद टी वी पर व्यंग्यम् की व्यंग्य गोष्ठी सम्पन्न

डायनामिक संवाद टी वी, जबलपुर प्रारम्भ से साहित्यिक गतिविधियों को प्रमुखता से जनता के समक्ष प्रस्तुत करता आ रहा है। संस्कारधानी के कवि हों, कथाकार हों, शायर हों, नाटककार हों अथवा व्यंग्यकार। सभी साहित्यकारों को उनकी प्रतिभा दुनिया के सामने लाने का दायित्व यह डायनामिक संवाद टी वी बखूबी निर्वहन कर रहा है।
आज संस्था "व्यंग्यम" से सम्बद्ध व्यंग्यकारों की व्यंग्य रचनाओं को डायनमिक संवाद टी वी ने चलचित्रांकन किया।
प्रख्यात सहित्यविद डॉ. राजकुमार सुमित्र जी की अध्यक्षता एवं डॉ. हर्ष कुमार तिवारी के संयोजकत्व
 में व्यंग्यम् की गोष्ठी सम्पन्न हुई।
 सर्वप्रथम यशोवर्धन पाठक ने व्यंग्य 'निरीक्षण सरकारी अस्पताल का' प्रस्तुत किया। इसके पश्चात विवेक रंजन श्रीवास्तव ने 'मातादीन के इंस्पेक्टर बनने की कहानी', राकेश सोहम ने वर्चुअल मानसून, एन. एल. पटेल ने आतंकवाद, प्रतुल श्रीवास्तव ने मुझे गिरफ्तार करवा दो, अभिमन्यु जैन ने ब्यूटीपार्लर, कुमार सोनी ने गुड़ और गुलगुला, गुप्तेश्वर द्वारका गुप्त ने दूबरे और दो अषाढ़, ओ. पी. सैनी ने 'और स्तीफा दे दिया', रमेश सैनी ने हॉर्स ट्रेडिंग प्रायवेट लिमिटेड व्यंग्य प्रस्तुत किया।

अंत में व्यंग्य गोष्ठी के अध्यक्ष वरिष्ठ पत्रकार एवं प्रख्यात साहित्यकार डॉ. राजकुमार सुमित्र ने "अथ मुगालता कथा" व्यंग्य प्रस्तुत किया।
गोष्ठी में वरिष्ठ साहित्यकार शरदचद्र उपाध्याय, विजय तिवारी "किसलय", मेहेर प्रकाश उपाध्याय, कृष्ण कुमार चौरसिया पथिक, गोपाल कृष्ण चौरसिया मधुर विशेष रूप से उपस्थित रहे।