सोमवार, 24 अगस्त 2009

दोहा श्रृंखला [दोहा क्र. ६८]

गिरिजा सुत को नमन कर,
शुरू करें शुभ कर्म ।
मिले सुनिश्चित सफलता,
उपजें नहीं अधर्म ॥
- विजय तिवारी " किसलय "

6 टिप्‍पणियां:

  1. आज बहुत दिनों बाद आये आप. उत्तम सीख देता दोहा, बधाई.

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  2. उपजे अगर अधर्म तो रोकें करके कर्म।
    जीवन का सुख है यही और सभी का धर्म।।

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  3. आदि देव की वन्दना,करना सबका धर्म।
    पूरण होंगे काज सब,गाँठ बाँध लो मर्म।।

    बहुत बधाई!

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  4. बधाई ,विजय जी..............इस सुन्दर दोहे के लिये भी और गणेश चतुर्थी की भी.

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