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मंगलवार, 18 मार्च 2014

प्राची की मुस्कान, विजय बागरी के दोहा संग्रह का विमोचन २३ मार्च १४ को.



  पाथेय प्रकाशन  द्वारा मुद्रित एवं सुसज्जित विजय   बागरी के "प्राची की मुस्कान" दोहा संग्रह का विमोचन २३ मार्च १४ को भँवर ताल  उद्यान के निकट  प्रजापिता ब्रह्मा कुमारी ईश्वरीय विश्व विद्यालय में होगा.
पाथेय एवं वर्तिका ने इस आयोजन में उपस्थिति की अपील की है.

कृपया विजय बागरी के दोहा संग्रह 'प्राची की मुस्कान' के  विमोचन का आमंत्रण  सुनने हेतु  वीडियो  की निम्न लिंक को क्लिक करें :-


प्रस्तुति:-
विजय तिवारी "किसलय" 

रविवार, 2 फ़रवरी 2014

साहित्य रत्न डॉ. विजय तिवारी 'किसलय' को "धर्मनिष्ठ समाजसेवी दालचंद सराफ स्मृति सरस्वती अलंकरण" से सम्मानित किया जाएगा.

                      मानस साहित्य परिषद् गुंजन कला सदन, महिला प्रकोष्ठ गुंजन कला सदन जबलपुर के तत्वावधान में दिनांक ०४ फरवरी २०१४ को प्रातः ०९ बजे से ११ बजे तक पूजन, आरती  एवं हवन तत्पश्चात प्रातः ११ बजे से १२ बजे दोपहर तक सरस्वती अलंकरण समारोह  शक्ति मंच, ड्रीम लेंड फन पार्क , सिविक सेण्टर जबलपुर  में  आयोजित है.

         जिसमें "वर्तिका संस्था  जबलपुर " के महासचिव साहित्य रत्न डॉ. विजय तिवारी 'किसलय' को "धर्मनिष्ठ  समाजसेवी दालचंद सराफ स्मृति सरस्वती अलंकरण" से सम्मानित किया जाएगा.
समारोह  में आत्मीय, साहित्यानुरागी-मित्रगण आमंत्रित हैं 

सोमवार, 1 अगस्त 2011

मेरी अपनी नई वेब साईड " hindisahityasangam.com " शीघ्र ही...

                     मेरी अपनी नई वेब साईड  http://hindisahityasangam.com/  (हिंदीसाहित्यसंगमडॉटकॉम) शीघ्र  ही  नए रूप  में आप   सभी  के  सामने  होगी. मुझे  उम्मीद  है  मेरे  ब्लॉग  http://hindisahityasangam.blogspot.com/  की तरह इसे भी आप सब का स्नेह एवं अपनत्त्व मिलेगा.

- डॉ. विजय तिवारी "किसलय"

शनिवार, 30 अप्रैल 2011

संस्कारधानी जबलपुर के चिट्ठाकार गिरीश बिल्लोरे "मुकुल" दिल्ली में हिंदी साहित्य निकेतन एवं परिकल्पना द्वारा दिनांक ३० अप्रेल २०११ को वेब कास्टिंग के लिए सम्मानित होंगे.

संस्कारधानी जबलपुर के चिट्ठाकार गिरीश बिल्लोरे "मुकुल" दिल्ली में हिंदी साहित्य निकेतन, एवं परिकल्पना के तत्वावधान में दिनांक 30 अप्रैल 2011 आयोजित होने जा रहे एक सम्मान समारोह में " वेबकास्टिंग" के लिये सम्मानित होंगे. यह सम्मान हिंदी चिट्ठाकारिता (ब्लागिंग ) में उनके अवदान के लिये उत्तरांचल के मुख्यमंत्री श्री रमेश पोखरियाल द्वारा दिया जावेगा. इन्होंने हिंदी चिट्ठाकारिता में पाड्कास्टिंग (आडियो पोस्ट), वाडकास्टिंग (वीडियो-पोस्ट), तथा लाइव वीडियो प्रसारण अर्थात वेबकास्टिंग के ज़रिये भारत एवं विदेशों मे बसे चिट्ठाकारों, कलाकारों, साहित्यकारों, पत्रकारों से सामाजिक एवं ब्लागिंग के मसले पर लाइव तथा रिकार्डेड भेंट वार्ताएँ हिंदी को अंतरजाल पर लाने के लिये की हैं. उल्लेखनीय है कि स्वीडिश वेबसाइट के www.bambuser.com के ज़रिये लाइव संस्कारधानी से गिरीश बिल्लोरे ने न केवल साक्षात्कार ही लिये बल्कि उत्तराखण्ड के खटीमा शहर में हुए ब्लागर्स सम्मेलन की घर बैठे वेबकास्टिंग कर दुनिया के नक्शे पर जबलपुर का नाम अंकित कर दिया, जिसकी चर्चा देश विदेश की पत्र पत्रिकाओं में भी की गई है. इतना ही नहीं उक्त कार्यक्रम का लाइव प्रसारण http://www.nukkadh.कॉम , http://sanskaardhani.blogspot.कॉम , तथा http://editers.blogspot.com/ , http://hindisahityasangam.blogspot.com/ पर दिनांक 30 अप्रैल 2011 को शाम तीन बजे से उपलब्ध होगा. चिट्ठाकार एवं साहित्यकार श्री गिरीश बिल्लोरे का कहना है "रचनात्मकता सोच उपलब्धियों की चाबी है – सृजन नैगेटिविटी के दुष्परिणामों से बचाता है "

प्रस्तुति:-

डॉ विजय तिवारी "किसलय"

बुधवार, 16 मार्च 2011

आपने विश्व में ५०० या ५०० से अधिक पृष्ठों वाली मुक्त छंद की एक ही कविता बारे में सुना या पढ़ा है तो कृपया बताएँ ?

               आज सुबह-सुबह मैं चाय की चुसकियों के साथ अखबार के पन्नों में किसी शुभ समाचार को खोज ही रहा था कि मोबाइल की घंटी बज उठी.

      स्क्रीन पर अपने "आत्मीय" का नाम देखकर चेहरे पर चमक सी आ गयी.

आन्सर बटन दबाते ही "प्रणाम" कहा.

"आप कैसे हैं" हाल पूछा.

"खैरियत है " सुनकर संतोष हुआ.

            कुछ साहित्यिक बातों के पश्चात उन्होंने जब मुझसे पूछा कि-

'विजय',  तुमने कभी कोई इतनी लम्बी "छंदमुक्त कविता" पढ़ी या सुनी है जो ५०० या ५०० से अधिक पृष्ठों की हो?

मुझे बड़ा आश्चर्य हुआ कि आखिर वे ऐसा क्यों पूछ रहे हैं..

        मैंने उन्हें बड़े सहज भाव से उत्तर दिया कि पढने- सुनने की तो छोडो, मैं इसकी कल्पना भी नहीं कर पाया कि किसी ने मुक्त छंद की इतनी लम्बी एक कविता लिखी भी होगी !!

               फिर उन्होंने अगला प्रश्न किया कि तुम एक ब्लॉगर हो. इसलिए अपने वैश्विक मित्रों से इतना पता करो कि क्या वे हिंदी में इतनी बड़ी " एक ही कविता" के बारे में जानते हैं ?

                    तब मैंने फिर सहज भाव से कहा कि-  हाँ मैं ये बात अपने ब्लॉगर बंधुओं से अवश्य पूछूँगा.

तो साथियो!
            आप सब मेरी मदद कीजिये और पता करके सकारात्मक या नकारात्मक टिप्पणी अवश्य भेजिए.

                        यदि आप सफल नहीं हुए तो मैं समझूँगा कि मेरे "आत्मीय" ही विश्व के पहले कवि होंगे जिनका नाम, परिचय और उस लम्बी रचना के कुछ अंश आप सभी के समक्ष भविष्य में जरूर प्रस्तुत करूँगा.
               उम्मीद है आप मेरी खातिर इतना जरूर करेंगे.


- विजय तिवारी "किसलय"

बुधवार, 22 दिसंबर 2010

समीर लाल " उड़न तश्तरी " का जबलपुर में विशिष्ट सम्मान २४ दिसंबर १० को आयोजित होगा.

विश्व के श्रेष्ठतम हिंदी ब्लॉगर एवं साहित्यकार श्री समीर लाल " समीर " को संस्कारधानी जबलपुर के भातखंडे संगीत महाविद्यालय प्रेक्षागृह में ब्लागिंग के क्षेत्र में अद्वितीय योगदान के लिए विशिष्ट रूप से सम्मानित किया जाएगा.
ज्ञात हो कि भाई समीर लाल का हिंदी ब्लॉग " उड़न तश्तरी " किसी परिचय का मोहताज नहीं है. आप ने हिंदी ब्लॉग जगत में अपनी अलग पहचान बनाई है.
दिनांक २४ दिसंबर १० को संध्या ६:३० से आयोजित होने जा रहे भव्य कार्यक्रम के मुख्यअतिथि जबलपुर के महापौर श्री प्रभात साहू एवं कार्यक्रम अध्यक्ष जवाहर लाल नेहरू कृषि विश्वविद्यालय के कुलपति प्रोफ़ेसर श्री गौतम कल्लू जी होंगे.


- विजय तिवारी " किसलय "

रविवार, 3 अक्टूबर 2010

अश्कों की लोरियाँ काव्य संग्रह पर हिंदी साहित्य संगम जबलपुर की समीक्षा गोष्ठी ४ अक्टूबर-१० को.

श्रीमती किरण खत्री
       
        हिंदी  साहित्य संगम जबलपुर के तत्वावधान में संस्कारधानी जबलपुर  की कवयित्री श्रीमती किरण खत्री के काव्य संग्रह पर ४ अक्टूबर-१० को एक  समीक्षा गोष्ठी का आयोजन "गुलिस्तां" एकता परिसर, मदन महल में आयोजित है. कार्यक्रम में आंचलिक साहित्यकार  परिषद, रामायणं, पहल, कहानी मंच, विद्युल्लता, दीपशिखा, जैसी जबलपुर   की प्रतिष्ठित साहित्यिक संस्थाओं के प्रतिनिधि समीक्षा-आलेख एवं कृति पर अभिव्यक्ति प्रस्तुत करेंगे. 
 श्री अविनाश खत्री ने साहित्य मनीषियों से सहभागिता की अपील की है.


निम्न आमंत्रण-पत्र में विस्तृत विवरण उपलब्ध है:-






































निवेदक:- 
-विजय तिवारी " किसलय "

बुधवार, 18 अगस्त 2010

२२ अगस्त १० को स्व. हरिशंकर परसाई की स्मृति में " परसाई प्रसंग".

                          रंग मंडल की राष्ट्रीय ख्यातिलब्ध संस्था ' विवेचना जबलपुर '  किसी परिचय की मोहताज़ नहीं है.  अपने नाटकों के सफल मंचन  एवं प्रतिवर्ष जबलपुर  में नाट्य समारोहों के आयोजन से संस्था ने  जन- जन में अपना स्थान बना लिया है.

              व्यंग्य विधा के जनक महान व्यंग्य शिल्पी  स्व. हरिशंकर परसाई का जन्म दिवस अर्थात  २२ अगस्त को जबलपुर का साहित्य जगत अपनी धरा के अद्भुत व्यक्तित्व के सम्मान  में अनेक कार्यक्रम आयोजित कर उन्हें स्मृत और नमन करता है.
                       विवेचना ने २२ को अपने कार्यक्रम " परसाई प्रसंग " में डॉ. ज्ञान चतुर्वेदी जी को आमंत्रित किया है,  जो  ' परसाई के बाद व्यंग्य '  विषय पर अपना व्याख्यान प्रस्तुत करेंगे.
                श्रोतागण  इस अवसर पर डॉ. चतुर्वेदी के  रचना पाठ का आनंद भी प्राप्त कर सकेंगे.
             परसाई जी के जन्म दिवस की सार्थकता तभी होगी   जब हम उनके साहित्य से लाभान्वित हों....  
          इसी लिए विवेचना परसाई जी की रचना का नाट्य मंचन भी करेगी.
जबलपुर स्थित रानी दुर्गावती संग्रहालय, भंवरताल में २२ अगस्त २०१० की संध्या ७.०० विवेचना के हिमांशु राय, बांके बिहारी ब्योहार, वसंत काशीकर एवं विवेचना परिवार ने साहित्यप्रेमियों से उपस्थिति का निवेदन किया है.
प्रस्तुति:-









- विजय तिवारी " किसलय "

मंगलवार, 18 अगस्त 2009

व्यंग्य शिल्पी स्वर्गीय श्री हरि शंकर परसाई का जन्म दिवस २२ अगस्त ०९ को रानी दुर्गावती संग्रहालय कला वीथिका जबलपुर में आयोजित

प्रगतिशील लेखक संघ के संयोजक श्री पंकज स्वामी एवं विवेचना के सचिव श्री हिमांशु राय ने व्यंग्य शिल्पी स्वर्गीय श्री हरि शंकर परसाई के जन्म दिवस २२ अगस्त ०९ को रानी दुर्गावती संग्रहालय कला वीथिका जबलपुर में आयोजित किये जा रहे कार्यक्रम में प्रबुद्ध वर्ग से उपस्थिति की अपील की है ज्ञात हो कि इस आयोजन में देश के वरिष्ठ पत्रकार और लेखक श्री विष्णु नागर (दिल्ली) का व्याख्यान तथा संस्कारधानी जबलपुर के जाने मने कार्टूनिष्ट श्री राजेश दुबे ( डूबे जी ) की परसाई पर आधारित कार्टून प्रदर्शनी भी विशेष केंद्र बिंदु होंगे
- विजय तिवारी " किसलय "

गुरुवार, 5 फ़रवरी 2009

नर्मदे हर...हर हर नर्मदे...

संस्कारधानी जबलपुर के ब्लागर्स आप सभी का अभिनन्दन करते हैं.......
नर्मदे हर...(डॉ विजय तिवारी "किसलय")
जबलपुर को लेकर जो सयास 'कयास' आप लोगों द्बारा लगाये जा रहे थे , वो क्षणिक थे ,
हम सब सोहार्द पूर्ण भावनाएँ लेकर सदैव अग्रसर रहेंगे, आप निश्चिंत रहें , मौज जैसी कोई बात नहीं है ।
विस्तृत विवरण हेतु कृपया इस वाक्य को क्लिक करें
-विजय तिवारी 'किसलय'

बुधवार, 4 फ़रवरी 2009

हिन्दी साहित्य संगम जबलपुर की गोष्ठी ५ फरवरी को

हिन्दी साहित्य संगम जबलपुर की काव्य गोष्ठी ५ फरवरी को "विसुलोक", मधुवन कालोनी, उखरी रोड में संध्या ७ बजे से आयोजित है -

संस्कारधानी जबलपुर
के प्रबुद्ध साहित्यकार
एवं
अन्तर जाल चिट्ठा लेखक
सादर
आमंत्रित हैं ।
निवेदक:- डॉ विजय तिवारी "किसलय" जबलपुर