शनिवार, 19 जुलाई 2008

गुरु की महिमा


मो - हित हैं गुरु की महिमा से,

ह - रते ये दुख संकट सारे ॥

न - यन मूंद कर याद करे जो,

दे - ख सकेगा अपने द्वारे ॥

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श - त - शत वंदन है गुरुवर का,

पा - वन होते दरश तुम्हारे,,

न् - यौछावर तुम पर सब मेरा,

डे - रा डालें न अँधियारे....

:-विजय तिवारी " किसलय "


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